Jun 04, 2026

मोबाइल फॉर्मेट कर सबूत मिटाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा

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रुद्रपुर/गदरपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने डंपर चालकों और लोगों में दहशत फैलाकर अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर रंगदारी वसूलने, धमकाने, जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास करने तथा विरोध करने पर मोबाइल फोन लूटने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है, जबकि मामले का एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार कोतवाली गदरपुर क्षेत्र निवासी फईम अहमद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका भाई वरीस अहमद एक जून को रुद्रपुर से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मसीत गांव जाने वाली सड़क पर मुख्य आरोपी विकास सागर अपने साथियों अमित सागर, प्रदीप दिवाकर और गोलू कोटिया के साथ कार में पहुंचा और वरीस अहमद को जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास किया। जब वरीस अहमद ने इसका विरोध किया और शोर मचाया तो आरोपियों ने उसके साथ बल प्रयोग किया तथा उसका ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी विकास सागर लंबे समय से शिकायतकर्ता के भाई को पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई का भय दिखाकर प्रतिमाह लगभग 35 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहा था। बताया जा रहा है कि पीड़ित के मोबाइल फोन में आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे, जिन्हें मिटाने और अपने खिलाफ सबूत खत्म करने के उद्देश्य से मोबाइल फोन छीना गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली गदरपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने मामले की त्वरित जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस को मिली सटीक सूचना के आधार पर चार जून को डिवाइन सिटी कॉलोनी, छतरपुर, रुद्रपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर गुलरभोज फ्लाईओवर के पास झाड़ियों से लूटा गया ओप्पो ए-78 मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने मोबाइल फोन से सबूत मिटाने की कोशिश की थी। उन्होंने मोबाइल का सिम कार्ड तोड़ दिया था और फोन को फॉर्मेट कर उसमें मौजूद महत्वपूर्ण जानकारियों को नष्ट करने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस ने मोबाइल बरामद कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास सागर, अमित सागर तथा प्रदीप दिवाकर निवासी रुद्रपुर के रूप में हुई है। वहीं इस मामले का एक अन्य आरोपी गोलू कोटिया अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलैनो कार संख्या यूके 06 बीएच 8088 को भी कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से कई महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। विकास सागर के कब्जे से सैमसंग एस-24 अल्ट्रा और विवो एक्स-300 एफई मोबाइल, अमित सागर के कब्जे से विवो वाई-29 मोबाइल तथा प्रदीप दिवाकर के कब्जे से सैमसंग ए-23 मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह कब से अवैध वसूली के इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था और इसके शिकार कितने वाहन चालक या अन्य लोग हुए हैं। जांच एजेंसियां गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और उनके आर्थिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार की रंगदारी, अवैध वसूली, गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता, व्यापारियों और वाहन चालकों को भय दिखाकर धन उगाही करने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 

भाजपा का नेता रह चुका है मुख्य आरोपी विकास सागर
मामले में गिरफ्तार विकास सागर पहले भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला महामंत्री पद पर रह चुका है। पिछले दिनों अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद विकास सागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि सोशल मीडिया पर भी विकास सागर के कई तस्वीरें ऐसी हैं, जिनमें वह भाजपा के बड़े नेताओं के साथ दिखाई देता है। पिछले दिनों अवैध वसूली में नाम आने पर रुद्रपुर में सियासी माहौल भी गरमाया था। हांलाकि विकास सागर ने इसे राजनीतिक षड़यंत्र करार दिया था।