पूर्वी सिंहभूम। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में पुलिस ने बहुमूल्य रत्नों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.50 करोड़ रुपये मूल्य के 1.095 किलोग्राम पन्ना (एमराल्ड) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बहरागोड़ा बस स्टैंड के पास की गई इस कार्रवाई को जिले में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, घाटशिला के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। इसी दौरान दो दोपहिया वाहनों के साथ खड़े तीन संदिग्धों को पकड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही तीनों भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय पातर (50), सिद्धेश्वर कालिंदी और स्नेहाशीष मंगराज के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी विनय पातर की स्कूटी की डिक्की से प्लास्टिक में पैक 1.095 किलोग्राम पन्ना, एक एंड्रॉयड मोबाइल और 1,840 रुपये नकद बरामद किए गए। अन्य दो आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, एक हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल और 460 रुपये नकद भी जब्त किए गए। पुलिस ने कुल तीन मोबाइल फोन, दो वाहन और 2,300 रुपये नकद जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विनय पातर का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2018 में गुड़ाबांदा थाना में खनिज तस्करी और चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने नेटवर्क, बैंकिंग लेन-देन, कॉल डिटेल और मोबाइल चैट की जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके। मामले में भारतीय न्याय संहिता के साथ भारतीय वन अधिनियम, पुरावशेष एवं बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद पन्ना किस क्षेत्र या खदान से लाया गया था और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और बहुमूल्य रत्नों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।